भगत सिंह एक विचारक थे, जिनका आधार मार्क्सवाद था. लेनिन के क्रांति को सही मानते थे, और साथ देने की बात करते थे! उनकी अंतिम इक्छा लेनिन से मिलने की थी! हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन, जिसके कमांडर चन्द्र शेखर आजाद थे, की संरचना एक मजदुर वर्ग के राज्य की स्थापना थी, जिसका खात्मा कौंग्रेस और बाद में आर एस एस ने की!
सावरकर ने तो अंग्रेजों से माफ़ी मांगी और अपनी सजा ख़त्म करावा दी और बाकि की जिंदगी, जब तक अंग्रेज रहे, उनकी सेवा में बितायी, 1942 के भारत छोडो आन्दोलन के विरुद्ध काम किया!
कुछ युवा गाँधी का विरोध करते है, एक फैशन सा है पर उसने सावरकर की तरह गद्दारी नहीं की, हाँ, भारत स्वतंत्र होने पर कौंग्रेस का साथ दिया, जिसने नेहरु, पटेल के नेत्रित्व में भारत को पूंजीवाद के गोद में ठेल दिया! भगत सिंह केवल माला पहनने के लिए रह गये. यह काम तो आज आप भी कर रहा है!
साथियों, आप अगर भगत सिंह के विचारधारा के खिलाफ हैं, पूंजीवाद को अमरता देने के लिए कटिबद्ध है, तो यह आपकी समझ है, पर उन्हें और उनके साथियों को गद्दारों की पांति में न लायें. निचे के पोस्ट के धूर्तता को समझें और ऐसे पोस्ट को भेजने वालों के खिलाफ आवाज बुलंद करें!
मंगल पांडे को फाँसी❓
तात्या टोपे को फाँसी❓
रानी लक्ष्मीबाई को अंग्रेज सेना ने घेर कर मारा❓
भगत सिंह को फाँसी❓
सुखदेव को फाँसी❓
राजगुरु को फाँसी❓
चंद्रशेखर आजाद का एनकाउंटर अंग्रेज पुलिस द्वारा❓
सुभाषचन्द्र बोस को गायब करा दिया गया❓
भगवती चरण वोहरा बम विस्फोट में मृत्यु❓
रामप्रसाद बिस्मिल को फाँसी❓
अशफाकउल्लाह खान को फाँसी❓
रोशन सिंह को फाँसी❓
लाला लाजपत राय की लाठीचार्ज में मृत्यु❓
वीर सावरकर को कालापानी की सजा❓
चाफेकर बंधू (३ भाई) को फाँसी❓
मास्टर सूर्यसेन को फाँसी❓
ये तो कुछ ही नाम है जिन्होंने स्वतन्त्रता संग्राम और इस देश की आजादी में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया❓
कई वीर ऐसे है हम और आप जिनका नाम तक नहीं जानते ❓
एक बात समझ में आज तक नही आई कि भगवान ने गांधी और नेहरु को ऐसे कौन से कवच-कुण्डंल दिये थे❓
जिसकी वजह से अग्रेंजो ने इन दोनो को फाँसी तो दूर, कभी एक लाठी तक नही मारी...❓
उपर से यह दोनों भारत के बापू और चाचा बन गए और इनकी पीढ़ियाँ आज भी पूरे देश के उपर अपना पेंटेंट समझती है❓
गहराई से सोचिए❓❓ जिसने भी मुझे यह संदेश भेजा है,उसको धन्यवाद।कृपया आप भी आगे भेजें।
सावरकर ने तो अंग्रेजों से माफ़ी मांगी और अपनी सजा ख़त्म करावा दी और बाकि की जिंदगी, जब तक अंग्रेज रहे, उनकी सेवा में बितायी, 1942 के भारत छोडो आन्दोलन के विरुद्ध काम किया!
कुछ युवा गाँधी का विरोध करते है, एक फैशन सा है पर उसने सावरकर की तरह गद्दारी नहीं की, हाँ, भारत स्वतंत्र होने पर कौंग्रेस का साथ दिया, जिसने नेहरु, पटेल के नेत्रित्व में भारत को पूंजीवाद के गोद में ठेल दिया! भगत सिंह केवल माला पहनने के लिए रह गये. यह काम तो आज आप भी कर रहा है!
साथियों, आप अगर भगत सिंह के विचारधारा के खिलाफ हैं, पूंजीवाद को अमरता देने के लिए कटिबद्ध है, तो यह आपकी समझ है, पर उन्हें और उनके साथियों को गद्दारों की पांति में न लायें. निचे के पोस्ट के धूर्तता को समझें और ऐसे पोस्ट को भेजने वालों के खिलाफ आवाज बुलंद करें!
मंगल पांडे को फाँसी❓
तात्या टोपे को फाँसी❓
रानी लक्ष्मीबाई को अंग्रेज सेना ने घेर कर मारा❓
भगत सिंह को फाँसी❓
सुखदेव को फाँसी❓
राजगुरु को फाँसी❓
चंद्रशेखर आजाद का एनकाउंटर अंग्रेज पुलिस द्वारा❓
सुभाषचन्द्र बोस को गायब करा दिया गया❓
भगवती चरण वोहरा बम विस्फोट में मृत्यु❓
रामप्रसाद बिस्मिल को फाँसी❓
अशफाकउल्लाह खान को फाँसी❓
रोशन सिंह को फाँसी❓
लाला लाजपत राय की लाठीचार्ज में मृत्यु❓
वीर सावरकर को कालापानी की सजा❓
चाफेकर बंधू (३ भाई) को फाँसी❓
मास्टर सूर्यसेन को फाँसी❓
ये तो कुछ ही नाम है जिन्होंने स्वतन्त्रता संग्राम और इस देश की आजादी में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया❓
कई वीर ऐसे है हम और आप जिनका नाम तक नहीं जानते ❓
एक बात समझ में आज तक नही आई कि भगवान ने गांधी और नेहरु को ऐसे कौन से कवच-कुण्डंल दिये थे❓
जिसकी वजह से अग्रेंजो ने इन दोनो को फाँसी तो दूर, कभी एक लाठी तक नही मारी...❓
उपर से यह दोनों भारत के बापू और चाचा बन गए और इनकी पीढ़ियाँ आज भी पूरे देश के उपर अपना पेंटेंट समझती है❓
गहराई से सोचिए❓❓ जिसने भी मुझे यह संदेश भेजा है,उसको धन्यवाद।कृपया आप भी आगे भेजें।
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