Thursday, 13 April 2017

आदमी का माँस

एक गिद्ध का बेटा बोला - मैं तो आदमी का माँस खांऊंगा !
गिद्ध बोला - ठीक है ,ले आऊँगा !
शाम को जब गिद्ध लौटा तो सूअर का माँस ले आया ।खा कर बेटा बोला- यह तो सूअर का माँस है ,मैं तो आदमी का माँस ही खाऊँगा !
गिद्ध बोला- ठीक है लाता हूँ !
इस बार वह गाय का माँस ले आया । खाकर बेटा बोला- यह तो गाय का माँस है ,मैंने कहा न कि आदमी का माँस ही खाऊँगा !
गिद्ध बोला - ठीक है। इस बार ,तुझे आदमी का माँस ही खिलाऊँगा !
वह गया और सूअर का माँस मस्जिद के सामने और गाय का माँस मंदिर के सामने फेंक कर आ गया !
थोड़ी ही देर में वहाँ दंगा शुरु हो गया था और ख़ून की नदी में हजारों लाशें तैर रही थी !गिद्ध और उसके बेटे ने भरपूर आदमी का माँस खाया !
बेटेने पूछा - यह कैसे हुआ !
गिद्ध ने कहा - धर्म के नाम पर इस आदमी की जात को कभी भी लड़ाया जा सकता है ,फिर नेतागण और पंडित,पुजारी तो हैं ही आग में घी डालने को !
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गीता और क़ुरान पुस्तकालय में एक साथ रहते हैं ,लेकिन कभी भी झगड़ा नहीं करते !
MIHIR RUIDAS. की वाल से बंगला पोस्ट का भावानुवाद

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