Scientific Socialism: परिवर्तन प्रकृति और समाज का नियम है!: परिवर्तन तो प्रकृति और समाज का नियम है। चीज़ें लगातार बदलती रहती हैं। बदलाव की क्रमिक प्रक्रिया लगातार जारी रहती है और बीच-बीच में क्रांति...
बदलाव तो स्वाभाविक है, चाहें या न चाहें!
जरुरत है बदलाव को उस संभव रास्ते पर चलाने को, जहाँ समाज प्रगतिशील रहता है, आगे बढ़ता है, समाज के हर सदस्य उस विकास का भागिदार होते है, हर शोषण का समाप्ति होता है, अन्धविश्वास से दूर होते हैं!
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