Monday, 12 October 2015

अमेरिकी साम्राज्यवाद

भारत पाकिस्तान लड़ते रहो... तुम्हें साम्राज्यवाद की कसम... बम की कसम... गोलों की कसम... तुम्हारे अपने-अपने खुदाओं की कसम..
अमेरिका से हथियार खरीदते रहो अपने देश की जनता की रोटी की कीमत पर...
मेरे कुछ भाई बहन और मारे गये इस बार तुर्की मे ... जश्न मनाओ
...
बोलो..
अमेरिकी साम्राज्यवाद ज़िंदाबाद ...
अमन और चैन मुर्दाबाद

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