सिक्यूरिटी एजेंसी भारत मे सबसे बड़ी या दूसरी प्राइवेट सर्विस है, जहां समय से पहले निकले 37-38 वर्षीय सैनिक काम करते है 5-7 हज़ार रुपये प्रति माह पर! भयानक भ्रष्टाचार है यहाँ, दलालों की ही चलती है! आर्मी द्वारा जल्दी रिटायर्ड आफीसर भी यहाँ लगाये जाते है, पर उनका काम भी यही दलाल करते है!
वन रैंक वन पेंसन का चटनी बना दिया कॉंग्रेस और भाजपा ने, अब शोषित होने के अलावा कोई चारा नही बेचारों के पास, कभी देखें इन्हे, भिखमंगे बन गये है यह देश के लाल और देश को लूटने वालों के यहाँ काम करने को मजबूर हैं!
"रिलायंस ने अपनी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए 16,000 पूर्व सैन्यकर्मियों को भर्ती किया है..."
http://navbharattimes.indiatimes.com/business/business-news/16000-former-indian-military-personnel-guard-reliance-industries-assets/articleshow/51066522.cms
वन रैंक वन पेंसन का चटनी बना दिया कॉंग्रेस और भाजपा ने, अब शोषित होने के अलावा कोई चारा नही बेचारों के पास, कभी देखें इन्हे, भिखमंगे बन गये है यह देश के लाल और देश को लूटने वालों के यहाँ काम करने को मजबूर हैं!
"रिलायंस ने अपनी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए 16,000 पूर्व सैन्यकर्मियों को भर्ती किया है..."
http://navbharattimes.indiatimes.com/business/business-news/16000-former-indian-military-personnel-guard-reliance-industries-assets/articleshow/51066522.cms
पूंजी ने भ्रष्टाचार को आवश्यक बना दिया है! दलाल जो सेक्युरिटी एजेंसी चलते हैं, सर्विस टैक्स, प्रोविडेंट फंड आदि में भी घपला करते हैं! पकड़ने जाने पर दलाल नहीं फंसते हैं, बल्कि मालिक ही फंसता है!
ReplyDeleteफिर पोलिस, सिबिआइ, कोर्ट के पौ बारह हो जाते हैं! बिचारे जब फौज में थे तो काफी 'पवार' वाले थे अब एक साधारण अपराधी!
सावधान!!